नई दिल्ली, 20 मार्च 2025: बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 24 और 25 मार्च 2025 को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करना है। इस हड़ताल के कारण 22 से 25 मार्च तक बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक प्रभावित रहेंगी।
हड़ताल का कारण और मुख्य मांगें
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने इस हड़ताल का फैसला कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर किया है। इन मांगों में अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, सभी कैडर्स में पर्याप्त भर्ती, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग, सरकारी हस्तक्षेप को कम करने और आउटसोर्सिंग को रोकने की अपील शामिल है। यूनियनों का कहना है कि इन मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
यूनियनों की अन्य प्रमुख मांगों में बैंकों में स्टाफ की भर्ती, कर्मचारियों की सुरक्षा, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹25 लाख करने, स्टाफ वेलफेयर बेनिफिट्स पर इनकम टैक्स छूट और सरकार की IDBI बैंक में हिस्सेदारी को 51% से कम न करने की मांग शामिल हैं। इसके अलावा, वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अत्यधिक हस्तक्षेप को रोकने की भी मांग की गई है।
5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग
UFBU का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बीमा कंपनियों और कई सरकारी विभागों में पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। वे चाहते हैं कि भारतीय बैंक भी इसे लागू करें ताकि कर्मचारियों को बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस (work-life balance) दिया जा सके। यूनियनों का मानना है कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह से कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनका मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होगा। हालांकि, इस मांग को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है, जिसके कारण यूनियनों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया है।
बैंकिंग सेवाओं पर प्रभाव
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) के उपाध्यक्ष के अनुसार, इस हड़ताल के कारण मुख्य रूप से कैश ट्रांजैक्शन, चेक क्लियरिंग (check clearing) और अन्य महत्वपूर्ण बैंकिंग ऑपरेशन प्रभावित होंगे। 22 मार्च को बैंक कार्य दिवस रहेगा, लेकिन 23 मार्च को शनिवार और 24 मार्च को रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक सेवाएं बंद रहेंगी। इसके बाद 24 और 25 मार्च को हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से ठप्प रहेंगी।
इसका मतलब है कि 22 से 25 मार्च तक बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक प्रभावित रहेंगी। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि यदि उनके पास कोई जरूरी बैंकिंग काम है, तो उसे पहले ही निपटा लेना बेहतर होगा। हड़ताल के दौरान एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन कैश डिपॉजिट, चेक क्लियरिंग और लोन प्रोसेसिंग जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बैंक यूनियनों की अन्य मांगें
यूनियनों की मांगों में बैंकों में स्टाफ की भर्ती, कर्मचारियों की सुरक्षा, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹25 लाख करने, स्टाफ वेलफेयर बेनिफिट्स पर इनकम टैक्स छूट और सरकार की IDBI बैंक में हिस्सेदारी को 51% से कम न करने की मांग शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि बैंकों में स्टाफ की कमी के कारण कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, यूनियनों ने वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अत्यधिक हस्तक्षेप को रोकने की भी मांग की है।
ग्राहकों के लिए सलाह
इस हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी, इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि यदि उनके पास कोई जरूरी बैंकिंग काम है, तो उसे पहले ही निपटा लेना बेहतर होगा। हड़ताल के दौरान एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी, लेकिन कैश डिपॉजिट, चेक क्लियरिंग और लोन प्रोसेसिंग जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ग्राहकों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर पर नियमित अपडेट्स की जांच करते रहें।
निष्कर्ष
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करना है। हालांकि, इस हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे ग्राहकों को असुविधा हो सकती है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग कामों को पहले ही निपटा लें और हड़ताल के दौरान बैंकिंग सेवाओं की स्थिति पर नजर रखें।
इस हड़ताल के पीछे बैंक कर्मचारियों की वाजिब मांगें हैं, लेकिन यह भी जरूरी है कि सरकार और बैंक प्रबंधन इन मांगों पर गंभीरता से विचार करें और जल्द से जल्द एक समाधान निकालें ताकि भविष्य में ऐसी हड़तालों से बचा जा सके। बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इसके सुचारू संचालन के लिए कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच सहयोग और समझौता आवश्यक है।
इस बीच, ग्राहकों को यह सलाह दी जाती है कि वे हड़ताल के दौरान धैर्य बनाए रखें और अपने जरूरी बैंकिंग कामों को पहले ही निपटा लें। बैंकिंग सेवाओं की स्थिति पर नियमित अपडेट्स के लिए ग्राहक अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।